Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पांचवे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में जब à¤à¤• महिला पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती है, तो वह पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी का दूसरा महीना (Second Month Pregnancy) कहलाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। पहले महीने में दिखने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से दूसरे महीने में नजर आने वाले लकà¥à¤·à¤£ थोड़े अलग हो सकते हैं। सà¥à¤¬à¤¹ उठकर थकान, उलà¥à¤Ÿà¥€, जी मिचलाना, सिरदरà¥à¤¦ आदि कॉमन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ (Pregnancy symptoms in Hindi) हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे महीने नजर आने वाले लकà¥à¤·à¤£ :-
1 दूसरे महीने में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को सà¥à¤¬à¤¹ मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की समसà¥à¤¯à¤¾ (Symptoms of pregnancy in hindi) बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। सà¥à¤¬à¤¹ उठते ही जी मिचलाना अधिक महसूस कर सकती हैं।
2 मूड में बहà¥à¤¤ बदलाव आता है। बात-बात पर चिड़चिड़ापन, खीजना, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करना कई महिलाओं (2 months pregnant symptoms) में देखा जा सकता है। इसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह है पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव होना। यह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के रासायनिक संरचना में बदवाल होने के कारण होता है।
3 दूसरे महीने में आपको बार-बार पेशाब करने का मन कर सकता है। à¤à¤²à¥‡ आप पेशाब जाà¤à¤‚, लेकिन पानी पीना कम ना करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
4 आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का साइज बढ़ने लगता है। हो सकता है आपको पहले के बà¥à¤°à¤¾ फिट ना हों। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ को छूने से आपको दरà¥à¤¦ à¤à¥€ महसूस हो सकता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के साथ ही वजन à¤à¥€ बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है।
5 किसी-किसी महिलाओं की à¤à¥‚ख खतà¥à¤® हो जाती है। वो जो कà¥à¤› à¤à¥€ खाती हैं, उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाती है। तो कà¥à¤› महिलाओं को तरह-तरह की चीजें खाने का मन करता है। कà¥à¤› महिलाओं को खाने की महक नहीं à¤à¤¾à¤¤à¥€ है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे महीने में हो सकती हैं ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚:-
आपको बार-बार लार बन सकता है।
कबà¥à¤œ की शिकायत हो सकती है।
सीने और पेट में जलन।
अपच, गैस या फिर पेट खराब हो सकता है।
खाने की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी।
सिरदरà¥à¤¦, चकà¥à¤•र आना बहà¥à¤¤ कॉमन है।
निपà¥à¤ªà¤² के आसपास का à¤à¤¾à¤— अधिक डारà¥à¤• हो जाना।
शरीर में खासकर, पैरों में सूजन रहना।
योनी से हलà¥à¤•ा रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में बरतें ये सावधानियां (precautions for second month of pregnancy):-
आराम करें। अधिक à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें ना उठाà¤à¤‚।
लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ पदारà¥à¤¥ अधिक लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना जरूरी है।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ घर का खाà¤à¤‚। फल-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोकर खाà¤à¤‚।
à¤à¤• बार में ही अधिक खाने से बचें। थोड़ा-थोड़ा खाà¤à¤‚। इससे खाना जलà¥à¤¦à¥€ पच जाà¤à¤—ा।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का साइज बढ़ने लगता है, à¤à¤¸à¥‡ में सपोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बà¥à¤°à¤¾ पहनें।
दूसरे महीने से गरà¥à¤ में पल रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाते समय देखा जा सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दूसरे महीने में शिशॠका विकास:-
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बननी शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
शिशॠका वजन बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
शिशॠके दोनों कान बनने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं।
आहार नालिका का विकास शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
शिशॠहलà¥à¤•ा फूलका महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
दोनों हाथ, पैर और उनकी उंगलियां बननी शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |